Short Motivational Story In Hindi For Students | Motivate Own Life

Motivational Story In Hindi For Students

आज हम सब के बीच एक बहुत ही अच्छी और सिख से भरी Motivational Story In Hindi For Students जो कि हमें और आपको छोटी सिख के तौर पर है ।

तो चलिए हम शुरू करते है Motivational Story In Hindi For Student

आप और हम सब एक ऐसे दुनिया में रहते है, जहाँ हम है, हमारे परिवार है और इन् सब के साथ ही हमारा जीवन का ज्यादा समय वयतीत होता है। हमारा अपने परिवार में बहुत से पल अच्छे होते है और कुछ बुरे पल भी होते है। आगे कुछ बाते करने से पहले आइये हम ये Kahani पढ़ते हैं।



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Motivational Story In Hindi For Student

एक समय की बात है इंडिया के एक छोटे से गाँव मे एक विकास नाम का लड़का रहता था । 
वो अपने माता-पिता के साथ रहता था, दादाजी भी उन सब के साथ ही रहा करते थे। वो अपने माँ और दादाजी से बहुत प्यार करता था।

सब लोग बड़े ही मिल जुल कर रहा करते ।
दादाजी थोड़ा उम्र में ज्यादा होने के बावजूद भी अपना सब काम खुद ही किया करते थे। विकास के दादाजी भी उसको बहुत माना करते थे।
सब कुछ सही ही चल रहा था लेकिन जैसा कहा गया है "समय पे किसी का जोड़ नही" 
ठीक वैसा ही हुआ और एक दिन उसके दादाजी का तबीयत एक पे एक ज्यादा खराब हो गया, घर पर केवल वो और उसकी माँ थी। दोनों मिल के उन्हें घर के बगल वाले अस्पताल में एडमिट कराए ।

विकाश के पापा एक multinational कम्पनी में काम किया करते थे।
लेकिन किसी तरह उसके पापा छुटी लेकर आते है, कुछ दिनों बाद विकाश के दादाजी ठीक हो जाते है और घर पर चले जाते है । लेकिन उसके दादाजी अब पहले जितना काम नही कर पाते है,

एक दिन जब सब साथ मे खाना खाने बैठे थे लेकिन उसके दादाजी के हाथ से थाली उठ नही पा रहा था। किसी तरह वो थाली उठा कर खाना खाने की कोसिस करते है लेकिन आधा खाना नीचे गिरता ओर आधा ही खा पाते है, ये सब विकाश और उसके मा और पाप देख रहे थे।

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तभी विकाश की माँ कही कितने गन्दे है इन्हें ठीक से खाने भी नही आ रहा है। 
अगले दिन जब सब साथ ही बैठे खाना खाने लेकिन उसके दादाजी का खाना खाने का तरीका वही था ।आधा खाते और आधा गिराते थे।

ये देख कर उनको रूम के कोना में एक तरफ कर दिया जाता है और उनका खाना भी वही खाने को दे दिया जाता है ।
ये सब विकाश बड़े आराम से देख रहा था।

विकाश अपने माँ से पूछा दादाजी को हमलोग ने रूम के कोने में क्यों भेज दिया ?
उसकी माँ कही बेटा वो अच्छा से खा नही पा रहे थे इसलिए हमने उन्हें वहाँ भेज दिया, जहा खा रहे थे वही गन्दा कर रहे थे।

विकाश ने अपने माँ से पूछा मैं क्या करूँगा जब आप बुढ़ी हो जाओगे और ठीक से खा नहीं पयोगे ?
माँ मैं तुमसे बहुत प्यार करता तुम्हे किसी कोने में मैं नहीं भेज पाऊंगा।

उसके माँ पापा के आँख भर आए और दोनों ही बाबूजी के पास जाके रोने लागे और उन्हें फिर से अपने पास ले आये और साथ मे खाना खाने लगे ।

"इसलिए समय बहुत बलवान है और परिवार में उम्र ज्यादा हो जाने से एहमियत कम नही होती हैं "।

Conclusion

दोस्तों इस Motivational Story in Hindi For Student से हमें ये समझ आ गया होगा की हमारा घर मिल जुल कर ही चलता है, हमें घर में सबको एक सामान्य ही देना चाइये वो बूढ़े हो या नये कुय्की समय सबका आता है।

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धन्यवाद।

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