This Short Story in Hindi With Moral Taught A Good Lesson

This Short Story In Hindi With Moral Taught A Good Lesson 




हम आशा करते है, आप पुरे आनंद में होंगे। Motivate Own Life में आज एक ऐसा Short Story In Hindi With Moral के साथ शेयर किया गया जो आपको दुबारा खुद पे सोचने पे मजबूर कर देगा।

हम सब जानते है की हमारा जीवन जीने के लिए मिला ना की खुद को फ़ालतु सोच (Thoughts) के साथ घेर के रखने के लिए। इससे पहले आपने Short Motivational Story In Hindi For Students पढ़ा ही होगा।

जैसा हमारा नजरिया रहता है, अक्सर हम खुद को और औरो को भी उसी लायक या कहे तो बस उसी नजरिये के अनुसार Judge करते जाते है।


Short Story In Hindi With Moral

हम अपने नजरिये को कैसा रखना चाहिए ये सब जाने उससे पहले आये हम ये Short Story In Hindi With Moral के साथ जो शेयर किया गया उसपे ध्यान देते है।


Short Story In Hindi With Moral



एक समय की बात है, एक  छोटे से गाँव में दो बड़े ही अच्छे दोस्त रहा करते थे। दोनों ही पुरे दिन मजे करते साथ खेती करने जाते साथ ही शाम को घर चले आते थे।

दोनों के पास किसी चीज की कमी नहीं था। दोनों के दो लड़के भी थी। उन दोनों की पत्नी भी एक दूसरे की अच्छी सहेली थी। एक साथ रहने के वजह से दोनों का मेल जोल भि काफी अच्छा था।

उन्हें जितना जरूरत की चीजे होते थे, दोनों मिल जूल के काम चला लिया करते थे।

समय बीतता गया और दोनों अपनी जिंदगी जीते चले जा रहे थे, लेकिन जैसा कहा गया है "समय अक्सर एक तरह नहीं होता है" कुछ ऐसा ही हुआ। 

एक दिन दोनों  काम के लिए बाहर शहर गए हुए थे।शहर में काम ज्यादा होने के वजह से उन्हें वहाँ ही काफी देर हो गया था। 

शाम में दोनों शहर से वापस अपने घर के ओर चले ही थे की अचानक बहुत ही तेज तूफ़ान और  बारिश आ जाती हैं और दोनों बिच में ही रुक जाते हैं।

कुछ देर के बाद तूफ़ान और बारिश रोक गया और दोनों वहाँ से घर के लिए निकल गए। दोनों जैसे ही घर पहुंचते तो देखते की दोनों के बच्चे और पत्नी बहार ही खड़े थे। 

वो उनके पास जा कर कहते क्या हुआ तुम सब बाहर खड़े क्यों हो?

उनकी पत्नीयो ने कहा अब हमारा घर नहीं रहा, हमारे मकान का छत ढह गया हैं।

ये सुन कर एक दोस्त ने कहा ये क्या हो गया भगवान तूने मेरा सब कुछ छीन लिया मुझसे अब मै कहा रहूँगा, क्या करूँगा कैसे फिर से अपना घर बना पाउँगा।

Short Story In Hindi


और दूसरे दोस्त ने कहा हे भगवन तेरा लाख लाख सुक्रिया की तुने मेरा घर तो मुझसे छीन लिया लेकिन मेरा परिवार को कुछ न होने दिया। मैं तेरा सुक्रिया कैसे करू भगवन। 

दोनों के साथ एक जैसा ही हुआ केवल पहले का ही नहीं बल्कि दोनों दोस्त का घर उजड़ गया था लेकिन एक ने अपने बचे हुए पे धयान दिया और एक ने जो नहीं है उसपे। 

यही नजरिये का फर्क है इस Short Motivational Stories In Hindi से आपको बस एहि दिखाया गया की दोनों के साथ हुआ एक सा ही है, बस दोनों अपने अपने नजरिये से देख रहे।

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Conclusion



दोस्त आप इस Short Story In Hindi With Moral में समझ गए होंगे की आपमें और सामने वाले में बस इस नजरिये का फर्क है चाहे वो आपका कितना अच्छा दोस्त क्यों ना हो, आप जैसा नजरिया रखियेगा वैसा ही सामने आपको देखने को मिलेगा। 

ये Short Story In Hindi केवल इस Moral Lesson को समझाने के लिए लिखा गया।


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